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लक्ष्मी-गणेश📜 शिव पुराण (गणेश वरदान), पूजा पद्धति1 मिनट पठन

लक्ष्मी जी की पूजा में गणेश जी को पहले क्यों पूजते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

गणेश = प्रथम पूज्य (ब्रह्मा वरदान — बिना गणेश = विघ्न)। रिद्धि-सिद्धि पति + लक्ष्मी = सम्पूर्ण समृद्धि। बुद्धि पहले → धन बाद। दीपावली: गणेश→लक्ष्मी→सरस्वती→कुबेर।

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विस्तृत उत्तर

लक्ष्मी पूजा (विशेषतः दीपावली) में गणेश को पहले पूजने के कारण:

1गणेश = विघ्ननाशक (प्रथम पूज्य)

शिव पुराण: ब्रह्मा ने गणेश को वरदान दिया — 'किसी भी शुभ कार्य/पूजा में सबसे पहले तुम्हारी पूजा होगी।' बिना गणेश पूजन = विघ्नराज विघ्न डालते हैं।

2गणेश = रिद्धि-सिद्धि पति

गणेश की पत्नियां रिद्धि (समृद्धि) और सिद्धि (सफलता) — लक्ष्मी (धन) + गणेश (रिद्धि-सिद्धि) = सम्पूर्ण समृद्धि।

3बुद्धि → धन

गणेश = बुद्धि देवता। पहले बुद्धि प्राप्त करो, फिर धन — बिना बुद्धि के धन = विनाश।

4दीपावली विशेष

समुद्र मंथन से लक्ष्मी प्रकट + गणेश = विघ्ननाश — दोनों साथ पूजे = धन निर्बाध।

क्रम: गणेश → लक्ष्मी → सरस्वती (कुछ परंपरा) → कुबेर।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण (गणेश वरदान), पूजा पद्धति
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