विस्तृत उत्तर
भजन, कीर्तन और जप — तीन भिन्न भक्ति:
| विषय | जप | कीर्तन | भजन |
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| क्या | मंत्र दोहराना | नाम गाना (सामूहिक) | गीत/स्तुति गाना |
| ध्वनि | मंद/गुप्त | उच्च/सामूहिक | मधुर/संगीतमय |
| माला | हां | नहीं | नहीं |
| संख्या | 108/1008 | अनिश्चित | 1 गीत |
| उद्देश्य | सिद्धि/एकाग्रता | सामूहिक भक्ति | स्तुति/प्रेम |
| उदाहरण | 'ॐ नमः शिवाय' 108 | 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण...' | 'मेरे तो गिरिधर गोपाल' |
शक्ति क्रम: जप (मानस) > जप (उपांशु) > कीर्तन > भजन — मंत्र सिद्धि हेतु। भक्ति हेतु = सभी समान।





