ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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मंत्र जप ज्ञान📜 भक्ति दर्शन, नवधा भक्ति1 मिनट पठन

मंत्र जप में भजन-कीर्तन और जप में क्या अंतर है?

संक्षिप्त उत्तर

जप: मंत्र दोहराना, माला, 108, गुप्त, सिद्धि। कीर्तन: नाम गाना, सामूहिक, उच्च। भजन: स्तुति गीत, संगीतमय। सिद्धि: जप > कीर्तन > भजन। भक्ति: सभी समान।

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विस्तृत उत्तर

भजन, कीर्तन और जप — तीन भिन्न भक्ति:

| विषय | जप | कीर्तन | भजन |

|-------|-----|---------|------|

| क्या | मंत्र दोहराना | नाम गाना (सामूहिक) | गीत/स्तुति गाना |

| ध्वनि | मंद/गुप्त | उच्च/सामूहिक | मधुर/संगीतमय |

| माला | हां | नहीं | नहीं |

| संख्या | 108/1008 | अनिश्चित | 1 गीत |

| उद्देश्य | सिद्धि/एकाग्रता | सामूहिक भक्ति | स्तुति/प्रेम |

| उदाहरण | 'ॐ नमः शिवाय' 108 | 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण...' | 'मेरे तो गिरिधर गोपाल' |

शक्ति क्रम: जप (मानस) > जप (उपांशु) > कीर्तन > भजन — मंत्र सिद्धि हेतु। भक्ति हेतु = सभी समान।

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शास्त्रीय स्रोत
भक्ति दर्शन, नवधा भक्ति
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