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विस्तृत उत्तर
छोड़ना नहीं — समय बदल सकता।
समझें: ईश्वर = 24×7 उपलब्ध। पूजा का कोई 'only time' नहीं। प्रातः = उत्तम (ब्राह्म मुहूर्त), पर अनिवार्य नहीं।
रात शिफ्ट विकल्प
- 1शिफ्ट से पहले (शाम) = संध्या पूजा (5-10 min)।
- 2शिफ्ट के बाद (सुबह आकर) = सोने से पहले पूजा।
- 3ब्रेक में = मानसिक जप ('ॐ नमः शिवाय' मन में)।
- 4छुट्टी = विस्तृत पूजा।
गीता (9.27): *'यत्करोषि यदश्नासि'* — जो करो, खाओ = सब ईश्वर को अर्पित। काम भी = पूजा। ईमानदारी से नौकरी = कर्मयोग = पूजा।
सार: 'सुबह नहीं कर सकता = पूजा छोड़ दूँ' = गलत। कभी भी करो — करना ज़रूरी, समय गौण।
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