विस्तृत उत्तर
हाँ — महिलाएं हनुमान पूजा कर सकती हैं। (पिछले बैच Q734 में विस्तार)
शास्त्र: भक्ति में लिंग भेद नहीं। हनुमान = भक्तवत्सल — सभी भक्तों का कल्याण।
क्या कर सकती: हनुमान चालीसा/सुंदरकांड/बजरंग बाण पढ़ना, दीपक, भोग (गुड़-चना), आरती — सब मान्य। 'महिला' = हनुमान माता सम — हनुमान स्वयं महिलाओं के आगे मस्तक झुकाते।
क्या न करें (कुछ परंपरा): हनुमान मूर्ति स्पर्श (कुछ मंदिर), लंबे तांत्रिक अनुष्ठान। पर चालीसा/सुंदरकांड = पूर्णतः मान्य।
सार: हनुमान = संकट मोचन — स्त्री-पुरुष दोनों। संकट में 'जय हनुमान' = हर भक्त का अधिकार।





