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मंदिर ज्ञान📜 वैष्णव परंपरा, शालिग्राम पूजा विधि1 मिनट पठन

मंदिर में शालिग्राम की पूजा कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

विष्णु स्वरूप (गंडकी नदी)। तुलसी अनिवार्य। पंचामृत स्नान → चंदन → तुलसी पत्र → 'ॐ नमो नारायणाय' 108। प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। प्रतिदिन — अपूजित न छोड़ें।

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विस्तृत उत्तर

शालिग्राम = विष्णु स्वरूप (नेपाल गंडकी नदी) — पूजा:

विधि

  1. 1स्नान: तुलसी जल + गंगाजल + पंचामृत → शालिग्राम स्नान।
  2. 2तुलसी: शालिग्राम + तुलसी = अनिवार्य — 'बिना तुलसी शालिग्राम पूजा अधूरी।'
  3. 3चंदन: शालिग्राम पर चंदन तिलक।
  4. 4पुष्प: तुलसी पत्र (मुख्य) + पीले/सफेद फूल।
  5. 5भोग: तुलसी दल + मिश्री + पंचामृत।
  6. 6मंत्र: 'ॐ नमो नारायणाय' / 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108।

विशेष: शालिग्राम = स्वयं अभिमंत्रित — प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। विष्णु = स्वयं निवास।

नियम: शालिग्राम = पूजा शुरू करें तो प्रतिदिन — कभी अपूजित न छोड़ें।

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शास्त्रीय स्रोत
वैष्णव परंपरा, शालिग्राम पूजा विधि
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