मंदिर में शालिग्राम की पूजा कैसे करें?
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विष्णु स्वरूप (गंडकी नदी)। तुलसी अनिवार्य। पंचामृत स्नान → चंदन → तुलसी पत्र → 'ॐ नमो नारायणाय' 108। प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। प्रतिदिन — अपूजित न छोड़ें।
- 1स्नान: तुलसी जल + गंगाजल + पंचामृत → शालिग्राम स्नान।
- 2तुलसी: शालिग्राम + तुलसी = अनिवार्य — 'बिना तुलसी शालिग्राम पूजा अधूरी।'
- 3चंदन: शालिग्राम पर चंदन तिलक।
- 4पुष्प: तुलसी पत्र (मुख्य) + पीले/सफेद फूल।
- 5भोग: तुलसी दल + मिश्री + पंचामृत।
- 6मंत्र: 'ॐ नमो नारायणाय' / 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108।
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