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विस्तृत उत्तर
शिवलिंग = आधी परिक्रमा (सोमसूत्री) — कारण:
कारण
- 1सोमसूत्र: शिवलिंग अभिषेक जल = जलाधारी (अर्घा) से उत्तर दिशा बहता = 'सोमसूत्र' = पवित्र जल मार्ग।
- 2'शिवजी पर किए गए अभिषेक की धारा को लांघना शुभ नहीं होता।'
- 3अर्थ: अभिषेक जल = शिव ऊर्जा → लांघना = ऊर्जा अपमान/नाश।
विधि: बाईं ओर से शुरू → जलाधारी (उत्तर) तक → वापस (उसी मार्ग) → दाहिनी ओर → जलाधारी → वापस = 1 आधी परिक्रमा (चंद्रकला/सोमसूत्री)।
अपवाद: स्वयंभू लिंग / घर मंदिर = पूरी परिक्रमा मान्य।
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