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मंदिर ज्ञान📜 मंदिर परंपरा, आगम शास्त्र1 मिनट पठन

मंदिर में ध्वजा बदलने का क्या नियम है?

संक्षिप्त उत्तर

मासिक/उत्सव/फटने पर। जगन्नाथ = प्रतिदिन! पुरोहित: मंत्र→पुरानी उतारें→नदी→नई अभिमंत्रित→स्थापित→आरती। शिव=त्रिशूल, विष्णु=गरुड़, देवी=लाल/सिंह। ध्वजा दान = शुभ।

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विस्तृत उत्तर

ध्वजा (पताका) = मंदिर शिखर/ध्वजस्तंभ — बदलने नियम:

कब

  • नियमित: मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक — मंदिर परंपरा अनुसार।
  • विशेष: उत्सव (जन्माष्टमी/शिवरात्रि/नवरात्रि), प्रतिष्ठा दिवस।
  • जगन्नाथ पुरी: प्रतिदिन ध्वजा बदलती है!
  • फटी/मैली: तुरंत बदलें = अशुभ।

विधि: पुरोहित → मंत्र → पुरानी ध्वजा उतारें (नदी विसर्जन) → नई ध्वजा = अभिमंत्रित → स्थापित → आरती।

रंग/चिन्ह: शिव=त्रिशूल/नंदी (सफेद/भगवा)। विष्णु=गरुड़/चक्र (पीला/सफेद)। देवी=सिंह/त्रिशूल (लाल)। हनुमान=केसरिया।

भक्त: ध्वजा दान = अत्यंत शुभ — मनोकामना पूर्ण।

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शास्त्रीय स्रोत
मंदिर परंपरा, आगम शास्त्र
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