विस्तृत उत्तर
प्रसाद ग्रहण विधि:
सही विधि: दोनों हाथों से — दाहिना हाथ ऊपर, बायां नीचे (अंजलि मुद्रा):
- 1दोनों हाथ जोड़कर: प्रसाद = ईश्वर कृपा = दोनों हाथों से = सम्पूर्ण सम्मान।
- 2दाहिना ऊपर: दाहिना = शुभ। बायां = सहायक।
- 3शिर झुकाकर: विनम्रता से ग्रहण।
अन्य नियम
- ▸प्रसाद = भूमि पर न रखें — पवित्र।
- ▸तुरंत ग्रहण करें या थाली/दोने में।
- ▸प्रसाद = जूठा न छोड़ें — पूर्ण खाएं।
- ▸बांटें: परिवार/अन्य भक्तों को।
- ▸केवल बाएं हाथ से = वर्जित (अशुभ)।





