ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
मंदिर ज्ञान📜 दक्षिण मंदिर, आगम शास्त्र1 मिनट पठन

मंदिर में पवित्र जल कुंड का क्या महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

शुद्धि (स्नान→दर्शन), पवित्र जल (पाप नाश), अभिषेक, वास्तु (ईशान), द्राविड़ विशाल (रामेश्वरम 22 कुंड), तेप्पम (नौका उत्सव)। पद्मतीर्थ (तिरुपति)।

📖

विस्तृत उत्तर

मंदिर जल कुंड (पुष्करणी/कल्याणी/तीर्थ):

  1. 1शुद्धि: दर्शन पूर्व स्नान = शारीरिक+मानसिक शुद्धि।
  2. 2पवित्र जल: मंदिर जल = अभिमंत्रित/पवित्र — पाप नाश।
  3. 3अभिषेक: मूर्ति अभिषेक = कुंड जल। पंचामृत/चरणामृत।
  4. 4वास्तु: जल = शांति+समृद्धि। ईशान कोण = जल स्थान।
  5. 5दक्षिण विशेष: द्राविड़ मंदिर = विशाल पुष्करणी (रामेश्वरम, चिदंबरम, कांची)।
  6. 6उत्सव: तेप्पम (नौका उत्सव) = कुंड में — देवता नौका विहार।

प्रसिद्ध: रामेश्वरम 22 कुंड (प्रत्येक = विशिष्ट पाप नाश)। पद्मतीर्थ (तिरुपति)।

📜
शास्त्रीय स्रोत
दक्षिण मंदिर, आगम शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

जल कुंडपुष्करणीमहत्वमंदिरस्नान

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मंदिर में पवित्र जल कुंड का क्या महत्व है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको मंदिर ज्ञान से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर दक्षिण मंदिर, आगम शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।