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मंदिर ज्ञान📜 शोध: BhaktVatsal, NewsNation (स्कंद पुराण)1 मिनट पठन

मंदिर में आरती के समय घंटी शंख और नगाड़ा क्यों बजाते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

पंच वाद्य = ब्रह्मांडीय 'ॐ' (स्कंद पुराण)। देवता चेतना जागृत, नकारात्मकता नाश (अमर उजाला), भक्ति तीव्र, मन एकाग्र। घंटी=चेतना, शंख='ॐ', नगाड़ा=ऊर्जा।

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विस्तृत उत्तर

आरती = सभी वाद्य एक साथ — कारण:

  1. 1पंच ध्वनि: घंटी+शंख+नगाड़ा+मंजीरा+घंटा = पंच वाद्य → ब्रह्मांडीय कंपन → देवता चेतना जागृत।
  2. 2'ॐ' (स्कंद पुराण — NewsNation): सभी ध्वनि मिलकर = 'ॐ' अनुगूंज।
  3. 3नकारात्मकता नाश: तीव्र ध्वनि = सभी नकारात्मक शक्तियां भागें (अमर उजाला)।
  4. 4भक्ति तीव्रता: ध्वनि → भावना तीव्र → भक्ति गहन।
  5. 5देवता सेना: स्वर्ग = देवता सेना = ढोल/नगाड़ा। मंदिर = देवता दरबार → वाद्य = सम्मान।
  6. 6मन एकाग्र: तीव्र ध्वनि → सांसारिक विचार बंद → केवल ईश्वर।

वाद्य विशेष: घंटी=चेतना, शंख='ॐ', नगाड़ा=ऊर्जा, मंजीरा=लय।

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शास्त्रीय स्रोत
शोध: BhaktVatsal, NewsNation (स्कंद पुराण)
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