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विस्तृत उत्तर
परिक्रमा = दक्षिणावर्त (clockwise) = बाएं से दाएं:
क्यों
- 1सकारात्मक ऊर्जा: 'परिक्रमा से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश'।
- 2सूर्य गति: सूर्य = पूर्व→दक्षिण→पश्चिम = दक्षिणावर्त। परिक्रमा = सूर्य गति अनुसरण = प्रकृति अनुकूल।
- 3दक्षिण = यम: दक्षिण को दाहिने रखना = मृत्यु/यम को दूर रखना।
- 4ऊर्जा क्षेत्र: गर्भगृह = ऊर्जा केंद्र। दक्षिणावर्त = ऊर्जा ग्रहण अनुकूल।
अपवाद — शिव: 'शिवजी की आधी परिक्रमा — सोमसूत्र (जलप्रणालिका) न लांघें।'
दिशा: हमेशा दाहिना कंधा देवता की ओर = दक्षिणावर्त = प्रदक्षिणा।
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