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मंदिर ज्ञान📜 मंदिर वास्तु शिल्प, आगम शास्त्र1 मिनट पठन

मंदिर के शिखर पर कलश क्यों रखा जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

अमृत (समुद्र मंथन), पूर्णता (निर्माण पूर्ण), एंटीना (ब्रह्मांडीय ऊर्जा→गर्भगृह), जल+अग्नि संतुलन, ताम्र/स्वर्ण=ऊर्जा चालक, ध्वज/त्रिशूल=देवता पहचान। स्थापना = प्रमुख अनुष्ठान।

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विस्तृत उत्तर

शिखर पर कलश — कारण:

  1. 1अमृत: कलश = अमृत पात्र (समुद्र मंथन)। शिखर पर = मंदिर अमृतमय।
  2. 2पूर्णता: कलश = 'पूर्ण कुंभ' — मंदिर निर्माण पूर्ण = कलश स्थापना।
  3. 3ब्रह्मांडीय ऊर्जा: कलश = एंटीना — ब्रह्मांडीय ऊर्जा ग्रहण → शिखर → गर्भगृह।
  4. 4जल तत्व: कलश = जल (जीवन)। शिखर = अग्नि (ऊर्जा)। जल+अग्नि = संतुलन।
  5. 5तांबा/स्वर्ण: कलश = ताम्र/स्वर्ण — विद्युत चालक → ऊर्जा ग्रहण।
  6. 6ध्वज/त्रिशूल: कलश पर ध्वज/त्रिशूल = देवता पहचान (शिव=त्रिशूल, विष्णु=चक्र)।

कलश पूजा: मंदिर निर्माण = कलश स्थापना = सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान।

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शास्त्रीय स्रोत
मंदिर वास्तु शिल्प, आगम शास्त्र
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