विस्तृत उत्तर
पुजारी योग्यता — शास्त्रीय + आधुनिक:
शास्त्रीय
- 1वेद/आगम ज्ञान: संस्कृत, मंत्र उच्चारण, पूजा विधि, षोडशोपचार।
- 2दीक्षा: गुरु से दीक्षा — संप्रदाय अनुसार।
- 3आचरण: सात्विक जीवन, ब्रह्मचर्य (कुछ), शुद्धता।
- 4कुल: परंपरागत — पुजारी परिवार (कुछ मंदिर)।
आधुनिक
- 1शिक्षा: वेद पाठशाला/आगम पाठशाला (दक्षिण: अर्चक पाठशाला)।
- 2प्रमाणपत्र: कुछ राज्य = प्रशिक्षण + प्रमाणपत्र अनिवार्य।
- 3समावेशी: कई मंदिर = सभी वर्णों को अनुमति (आधुनिक)। केरल = सरकारी प्रशिक्षण।
सर्वोत्तम: वेद+आगम+संस्कृत+शुद्ध आचरण+दीक्षा = आदर्श पुजारी।





