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मंदिर ज्ञान📜 पूजा पद्धति, विष्णु परंपरा1 मिनट पठन

मंदिर में शंख बजाने का क्या नियम है और कब बजाएं?

संक्षिप्त उत्तर

आरती/अभिषेक/भोग/प्रातः-संध्या। विष्णु/लक्ष्मी=अनिवार्य। शिव=वर्जित (कुछ)। दक्षिणावर्ती=दुर्लभ+शुभ। ध्वनि='ॐ', नकारात्मकता नाश, antibacterial।

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विस्तृत उत्तर

शंख = विष्णु/लक्ष्मी मंदिर विशेष:

कब

  • आरती समय (प्रातः/संध्या)।
  • अभिषेक/पूजा आरंभ।
  • भोग लगाते समय।
  • प्रतिदिन प्रातः (सूर्योदय) + संध्या।

नियम

  • विष्णु/कृष्ण/लक्ष्मी = शंख अनिवार्य (समुद्र मंथन)।
  • शिव = शंख वर्जित (शंखचूड़ कथा — कुछ परंपरा)। किन्तु शंखोदक (शंख जल) = शिव अभिषेक मान्य (विवाद)।
  • दक्षिणावर्ती शंख = अत्यंत दुर्लभ + शुभ।
  • वामावर्ती = सामान्य, शुभ।

ध्वनि: शंख = 'ॐ' अनुगूंज। नकारात्मक ऊर्जा नाश। antibacterial (वैज्ञानिक)।

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शास्त्रीय स्रोत
पूजा पद्धति, विष्णु परंपरा
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