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मंदिर ज्ञान📜 वास्तु शिल्प, मंदिर परंपरा1 मिनट पठन

मंदिर की सीढ़ियां विषम संख्या में क्यों होती हैं?

संक्षिप्त उत्तर

दाहिना पैर (शुभ) → विषम = दाहिने से शुरू+अंत। विषम = शुभ (1=ब्रह्म, 3=त्रिदेव, 5=पंचभूत, 9=नवग्रह)। वास्तु = सकारात्मक। 3/5/7/9/11/21/108। घर भी विषम।

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विस्तृत उत्तर

विषम संख्या = शुभ — कारण:

  1. 1दाहिना पैर: दाहिना = शुभ। विषम (1,3,5,7...) = दाहिने पैर से शुरू + दाहिने पैर से अंत। सम = बाएं से अंत = अशुभ।
  2. 2विषम = शुभ: हिंदू धर्म: विषम = ब्रह्म/अपूर्ण→पूर्णता की यात्रा। 1=ब्रह्म, 3=त्रिदेव, 5=पंचभूत, 7=सप्तऋषि, 9=नवग्रह।
  3. 3वास्तु: विषम = सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह।
  4. 4गणित: विषम = 'अविभाज्य' भाव — एकता/अखंडता।

सामान्य संख्या: 3, 5, 7, 9, 11, 13, 21, 27, 51, 108 = सीढ़ियां।

घर सीढ़ी भी: वास्तु = घर सीढ़ियां विषम अनुशंसित।

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शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शिल्प, मंदिर परंपरा
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