का सरल उत्तर
हाँ — शास्त्र: भक्ति में लिंग भेद नहीं। चालीसा/सुंदरकांड/बजरंग बाण/आरती=मान्य। हनुमान=महिलाओं में माता देखते। मूर्ति स्पर्श=परंपरा भिन्न। संकट में 'जय हनुमान'=सबका अधिकार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।