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शिव साधना📜 तंत्र शास्त्र, शैव आगम, यंत्र विज्ञान1 मिनट पठन

शिव यंत्र स्थापित करने की विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

सोमवार/शिवरात्रि। गंगाजल शुद्धि → 108 मंत्र जप → लाल/सफेद वस्त्र पर स्थापन → चंदन-अक्षत-फूल → दीपक-आरती। उत्तर/पूर्व दिशा। प्रतिदिन जल छिड़कें + दीपक + जप। खंडित हो तो विसर्जन।

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विस्तृत उत्तर

शिव यंत्र (महामृत्युंजय यंत्र/शिव यंत्र) एक पवित्र ज्यामितीय आकृति है जो शिव की ऊर्जा को केंद्रित करती है:

स्थापना विधि

1. शुभ मुहूर्त: सोमवार, शिवरात्रि या प्रदोष काल।

2. स्थान: पूजा घर में — उत्तर या पूर्व दिशा। स्वच्छ, पवित्र स्थान।

3. शुद्धि: यंत्र को गंगाजल/कच्चे दूध से स्नान कराएं।

4. अभिमंत्रण: 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र 108 बार जपकर यंत्र को अभिमंत्रित करें।

5. स्थापना: लाल/सफेद वस्त्र पर यंत्र रखें। चंदन, अक्षत, फूल अर्पित।

**6. दीपक जलाएं और आरती करें।

7. प्रतिदिन पूजा: प्रतिदिन यंत्र पर जल छिड़कें, दीपक जलाएं, 'ॐ नमः शिवाय' जपें।

नियम

  • यंत्र को दूसरों को न दिखाएं (कुछ परंपराओं में)।
  • अशुद्ध हाथों से स्पर्श न करें।
  • यदि यंत्र टूट जाए या खंडित हो — नदी/जल में विसर्जित कर नया स्थापित करें।

लाभ: मृत्यु भय मुक्ति, रोग निवारण, नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा, ग्रह दोष शांति।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, शैव आगम, यंत्र विज्ञान
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