लोकभागवत पुराण (११.१७.३१) में ब्रह्मचारी और महर्लोक का क्या संबंध है?भागवत ११.१७.३१ में कृष्ण कहते हैं — आजीवन अखंड ब्रह्मचर्य + गहन वेदाध्ययन + निःस्वार्थ गुरु-समर्पण = मृत्यु के बाद सीधे महर्लोक। तीनों का संयोग आवश्यक है।#भागवत 11.17.31#ब्रह्मचारी#महर्लोक
लोकब्रह्मचारी को महर्लोक क्यों मिलता है?जो विद्यार्थी आजीवन अखंड ब्रह्मचर्य पालन करे, गहन वेदाध्ययन करे और बिना सांसारिक इच्छा के गुरु में समर्पित रहे, वह मृत्यु के बाद सीधे महर्लोक प्राप्त करता है।#ब्रह्मचारी#महर्लोक#अखंड ब्रह्मचर्य
स्त्री धर्ममहिलाएं हनुमान जी की पूजा करें या नहीं?हाँ — शास्त्र: भक्ति में लिंग भेद नहीं। चालीसा/सुंदरकांड/बजरंग बाण/आरती=मान्य। हनुमान=महिलाओं में माता देखते। मूर्ति स्पर्श=परंपरा भिन्न। संकट में 'जय हनुमान'=सबका अधिकार।#महिला#हनुमान#पूजा
साधु और संतब्रह्मचारी, गृहस्थ, वानप्रस्थ और यति साधु कैसे होते हैं?ब्रह्मचारी विद्यासाधना से, गृहस्थ विहित कर्म से, वानप्रस्थ वनतपस्या से और यति योग तथा यतिधर्म से साधु होता है।#ब्रह्मचारी#गृहस्थ#वानप्रस्थ
साधु और संतसाधु किसे कहा जाता है?जो अपने आश्रम के धर्म का साधन करता है, वह साधु कहा गया है।#साधु#ब्रह्मचारी#गृहस्थ
यमब्रह्मचर्य का अर्थ क्या है?यतियों, ब्रह्मचारियों और पत्नीरहित संन्यासियों के लिये मन, वचन और कर्म से मैथुन में प्रवृत्ति न रखना ब्रह्मचर्य है।#ब्रह्मचर्य#यति#ब्रह्मचारी
लोकभस्मासुर कथा में विष्णु ब्रह्मचारी बने या मोहिनी?श्रीमद्भागवत में विष्णु ब्रह्मचारी बने; लोककथा और कुछ परंपराओं में वे मोहिनी रूप में भस्मासुर को फंसाते हैं।#ब्रह्मचारी#मोहिनी#भस्मासुर
लोकविष्णु जी ने भस्मासुर से क्या कहा?विष्णु जी ने ब्रह्मचारी बनकर कहा कि शिव के वरदान पर भरोसा करने से पहले अपने सिर पर हाथ रखकर परीक्षा करो।#विष्णु संवाद#भस्मासुर#ब्रह्मचारी
लोकभस्मासुर और ब्रह्मचारी की कथा क्या है?ब्रह्मचारी रूप में विष्णु ने भस्मासुर को समझाया कि वरदान की परीक्षा अपने सिर पर करे, और वह भस्म हो गया।#भस्मासुर#ब्रह्मचारी#विष्णु
लोकश्रीमद्भागवत में भस्मासुर को किस रूप से मारा गया?श्रीमद्भागवत में विष्णु जी ब्रह्मचारी रूप में वृकासुर को भ्रमित करते हैं, जिससे वह स्वयं भस्म हो जाता है।#श्रीमद्भागवत#वृकासुर#ब्रह्मचारी
लोकभस्मासुर को विष्णु जी ने किस रूप में फंसाया?श्रीमद्भागवत में विष्णु जी ब्रह्मचारी रूप में आते हैं; लोककथा में वे मोहिनी रूप से भस्मासुर को फंसाते हैं।#विष्णु रूप#ब्रह्मचारी#मोहिनी