विस्तृत उत्तर
भस्मासुर और ब्रह्मचारी की कथा श्रीमद्भागवत में आती है। जब भस्मासुर शिव जी को भस्म करने दौड़ा, तब भगवान विष्णु ब्रह्मचारी रूप में उसके सामने आए। उन्होंने प्रेम से पूछा कि वह इतना थका हुआ क्यों भाग रहा है। भस्मासुर ने अपनी तपस्या, शिव से मिले वरदान और शिव पर ही उसकी परीक्षा करने की इच्छा बता दी। ब्रह्मचारी रूपी विष्णु ने उसके मन में शंका डाली कि शिव का वरदान सत्य भी हो सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि पहले अपने सिर पर हाथ रखकर परीक्षा करो। भस्मासुर ने ऐसा किया और तुरंत भस्म हो गया।
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