विस्तृत उत्तर
हाँ — ध्यान (Meditation) कर सकती हैं।
कारण: ध्यान = मन का कार्य — शारीरिक शुद्धि/अशुद्धि से संबंध नहीं। ध्यान = आँखें बंद, ईश्वर चिंतन — किसी वस्तु/स्थान को छूना नहीं। इसलिए कोई शास्त्रीय बाधा नहीं।
आधुनिक दृष्टि: मासिक = शारीरिक प्रक्रिया, अशुद्धि नहीं। ध्यान = मानसिक शांति — इस समय विशेष लाभकारी (हार्मोनल बदलाव = तनाव → ध्यान = राहत)।
क्या करें: ध्यान, मानसिक जप ('ॐ'/नाम स्मरण), गीता पढ़ना (बिना स्पर्श = ऐप/ऑनलाइन)।
क्या न करें (परंपरा): मूर्ति/पूजा सामग्री स्पर्श, मंदिर प्रवेश (कुछ परंपरा)।




