विस्तृत उत्तर
हाँ — गीता पढ़ सकती हैं।
कारण: गीता = ज्ञान ग्रंथ — कभी भी, किसी भी अवस्था में पढ़ने योग्य। गीता स्वयं कहती = *'न मे भक्तः प्रणश्यति'* (9.31) — मेरा भक्त कभी नष्ट नहीं होता = बिना शर्त।
परंपरा: कुछ = पुस्तक स्पर्श वर्जित। विकल्प: मोबाइल/टैबलेट/ऐप से पढ़ें (स्पर्श का प्रश्न नहीं)। या सुनें (YouTube/ऑडियो)।




