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शिव पूजा विधि📜 शिव पुराण, स्कन्द पुराण, लोक परंपरा2 मिनट पठन

शिव के वाहन नंदी की पूजा कब और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

शिव पूजा में शिवलिंग से पहले नंदी दर्शन अनिवार्य। सोमवार/शिवरात्रि/सावन विशेष। जल, अक्षत, फूल, चंदन अर्पित। 'ॐ नंदीश्वराय नमः' जपें। नंदी-शिवलिंग बीच से न गुजरें। नंदी = शिलाद पुत्र, शिव के द्वारपाल-वाहन-परम भक्त।

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विस्तृत उत्तर

नंदी भगवान शिव के प्रिय वाहन, द्वारपाल और परम भक्त हैं। पुराणों के अनुसार नंदी ऋषि शिलाद के पुत्र हैं जिन्होंने शिव की कठोर तपस्या कर उनके सेवक और वाहन बनने का वरदान प्राप्त किया।

कब पूजा करें

  • शिव पूजा के साथ: प्रत्येक शिव पूजा में शिवलिंग से पहले नंदी का दर्शन और पूजन करना चाहिए।
  • सोमवार: शिव का दिन — नंदी पूजा विशेष शुभ।
  • शिवरात्रि: नंदी सहित शिव पूजा।
  • सावन सोमवार: विशेष फलदायी।
  • बैल पोला/पोंगल: कृषक परंपरा में वृषभ (नंदी) पूजा।

कैसे पूजा करें

  1. 1मंदिर में शिवलिंग से पहले नंदी के दर्शन करें।
  2. 2नंदी को स्पर्श कर प्रणाम करें।
  3. 3नंदी पर जल, अक्षत, फूल अर्पित करें।
  4. 4नंदी की पीठ और सींगों पर चंदन या हल्दी लगाएं।
  5. 5'ॐ नंदीश्वराय नमः' मंत्र जपें।
  6. 6नंदी और शिवलिंग के बीच से न गुजरें — दाहिनी ओर से जाएं।

नंदी पूजा के लाभ

  • शिव कृपा शीघ्र प्राप्त — नंदी शिव के सबसे निकटतम।
  • कृषि और पशुधन समृद्धि।
  • धैर्य, सेवाभाव और भक्ति में वृद्धि।
  • मनोकामना पूर्ति (नंदी के कान में कहने से)।
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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, स्कन्द पुराण, लोक परंपरा
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