विस्तृत उत्तर
विपश्यना = 'विशेष दर्शन/अंतर्दृष्टि' — बुद्ध ध्यान:
क्या है: 'वि' + 'पश्यना' = 'विशेष रूप से देखना' — शरीर संवेदनाओं को देखना = यथार्थ दर्शन।
विधि (S.N. Goenka — सबसे प्रचलित)
- 1दिन 1-3: आनापानसति = श्वास ध्यान (नासिका → होंठ)।
- 2दिन 4-10: विपश्यना = शरीर scan → शिर → पैर → प्रत्येक संवेदना = साक्षी (सुख/दुख = समान)।
- 3अनित्यता: 'सब बदलता है' (अनिच्चा) = बुद्ध मूल शिक्षा। संवेदना = आती/जाती → प्रतिक्रिया न करें → समता।
10 दिवसीय: मौन, शाकाहारी, 4 AM-9 PM, निःशुल्क (दान आधारित)। Igatpuri (HQ), विश्वभर centers।
लाभ: तनाव ↓, जागरूकता ↑, प्रतिक्रिया ↓, शांति ↑। सबके लिए (हिंदू/बौद्ध/कोई भी)।





