विस्तृत उत्तर
## ध्यान करते समय कौन सा आसन सबसे अच्छा है?
आसन की परिभाषा (योगसूत्र 2/46)
*'स्थिरसुखमासनम्।'*
— जो स्थिर और सुखदायी हो — वही आसन है। ध्यान के लिए आसन का एकमात्र उद्देश्य है — देर तक बिना हिले-डुले बैठ सकें।
गीता (6/11-13) में आसन का निर्देश
*'शुचौ देशे प्रतिष्ठाप्य स्थिरमासनमात्मनः...समं कायशिरोग्रीवं धारयन्नचलं स्थिरः।'*
— पवित्र स्थान में स्थिर आसन बिछाकर, शरीर-सिर-गर्दन को सीधा और अचल रखकर बैठें।
प्रमुख ध्यान-आसन
### 1. पद्मासन (Lotus Pose) — सर्वश्रेष्ठ
- ▸दोनों पाँव विपरीत जाँघों पर रखें
- ▸रीढ़ स्वाभाविक रूप से सीधी रहती है
- ▸हठयोग प्रदीपिका — 'पद्मासनं सर्वव्याधिनाशनम्'
- ▸चुनौती: शुरुआत में घुटनों में दर्द हो सकता है
### 2. सिद्धासन — योगियों का आसन
- ▸एक एड़ी मूलाधार पर, दूसरी उसके ऊपर
- ▸प्राण-संरक्षण के लिए सर्वोत्तम
- ▸हठयोग प्रदीपिका — *'सिद्धासनं सदा सेव्यं।'*
### 3. सुखासन (Easy Pose)
- ▸साधारण आलती-पालती
- ▸नए साधकों के लिए सर्वोत्तम विकल्प
- ▸ध्यान में गहरा जाने पर अपने आप पद्मासन में आ जाएं
### 4. वज्रासन
- ▸एड़ियों पर बैठें
- ▸भोजन के बाद भी किया जा सकता है
- ▸पाचन और ध्यान दोनों के लिए उपयुक्त
### 5. कुर्सी पर बैठकर
- ▸जो फर्श पर नहीं बैठ सकते, उनके लिए
- ▸पीठ सीधी, पाँव जमीन पर — ध्यान उतना ही संभव
मुख्य नियम
- ▸रीढ़ सदा सीधी रखें — ऊर्जा प्रवाह के लिए आवश्यक
- ▸हाथ घुटनों पर, ज्ञान-मुद्रा (अंगूठे और तर्जनी मिलाएं)
- ▸कंधे शिथिल, जबड़ा ढीला




