विस्तृत उत्तर
नासाग्र दृष्टि = नाक अग्र भाग → दृष्टि:
गीता (6.13): 'संप्रेक्ष्य नासिकाग्रं स्वं दिशश्चानवलोकयन्' — नासिकाग्र देखें, इधर-उधर न देखें।
लाभ
- 1एकाग्रता: दृष्टि = एक बिंदु → मन = एक बिंदु। 'जहां दृष्टि, वहां मन।'
- 2प्राण नियंत्रण: नासाग्र = श्वास मार्ग → दृष्टि + श्वास = synchronized → प्राण शांत।
- 3विचार ↓: आंखें = विचार trigger। नासाग्र = limited input → विचार ↓।
- 4मणिपुर/स्वाधिष्ठान: नासाग्र दृष्टि = निचले चक्र activate (कुछ परंपरा)।
vs भ्रूमध्य: नासाग्र = शांत/grounding। भ्रूमध्य = ऊर्ध्व/उत्तेजक। शुरुआती = नासाग्र सरल।





