विस्तृत उत्तर
शाम्भवी मुद्रा = आज्ञा चक्र सीधा सक्रिय:
विधि: आंखें अर्ध-खुली → दृष्टि भ्रूमध्य (भौंहों के बीच ऊपर) → बाहर देखते हुए अंदर देखना।
प्रभाव (हठ योग प्रदीपिका)
- 1आज्ञा चक्र: सीधा stimulate → तीसरी आंख → intuition ↑।
- 2मन शांत: विचार तुरंत ↓ — एकाग्रता ↑ (सबसे तेज विधि)।
- 3pineal gland: शाम्भवी → pineal gland सक्रिय → melatonin/serotonin।
- 4शिव अवस्था: 'शाम्भवी' = शंभु (शिव) → शिव अवस्था = समाधि निकट।
- 5हठ योग प्रदीपिका (4.36): 'वेदशास्त्रपुराणानि सामान्यगणिका इव। एकैव शाम्भवी मुद्रा गुप्ता कुलवधूरिव' — शाम्भवी = गुप्त कुलवधू (सर्वश्रेष्ठ)।
Isha (Sadhguru): शाम्भवी महामुद्रा = Inner Engineering — विश्वव्यापी।




