विस्तृत उत्तर
## ध्यान के दौरान कौन सा मंत्र जपें?
मंत्र-चयन का सिद्धांत
ध्यान में मंत्र वह होना चाहिए जो मन को एकाग्र करे, हृदय में भाव जगाए और साधक के स्वभाव से मेल खाए। गुरु-दीक्षित मंत्र सर्वश्रेष्ठ है।
प्रमुख ध्यान-मंत्र
### 1. ओम् (ॐ) — सर्वश्रेष्ठ
माण्डूक्योपनिषद — *'ओमित्येतदक्षरमिदं सर्वम्।'* — ओम् ही सम्पूर्ण है।
- ▸विधि: प्रत्येक श्वास के साथ भीतर 'ओम्' की गूँज अनुभव करें
- ▸उपयुक्त: सभी साधकों के लिए
### 2. सोऽहम् — अजपा-जप
'सो' (श्वास आते) + 'हम्' (श्वास जाते) = 'मैं वही हूँ'
- ▸सबसे सरल और प्राकृतिक मंत्र — बिना माला, बिना प्रयास
- ▸हर साँस के साथ स्वतः चलता है
### 3. गायत्री मंत्र
*'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।'*
- ▸बुद्धि की शुद्धि और ईश्वरीय ज्ञान के लिए
- ▸प्रातःकाल सूर्योदय के समय सर्वोत्तम
### 4. इष्टदेव-मंत्र
- ▸शैव: ओम् नमः शिवाय
- ▸वैष्णव: ओम् नमो नारायणाय / हरे राम हरे कृष्ण
- ▸शाक्त: ओम् ऐं ह्रीं क्लीं (दुर्गा बीज)
- ▸गणपति: ओम् गं गणपतये नमः
### 5. महामृत्युञ्जय मंत्र
*'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।'*
- ▸रोग-नाश, भय-मुक्ति और जीवनशक्ति के लिए
### 6. अहं ब्रह्मास्मि
उन्नत साधकों के लिए — आत्मज्ञान का मंत्र।
गीता (10/25)
*'यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि।'*
— सभी यज्ञों में जपयज्ञ मैं हूँ — जप को सर्वश्रेष्ठ बताया।
योगसूत्र (1/27-28)
*'तस्य वाचकः प्रणवः।'* — ईश्वर का वाचक प्रणव (ओम्) है। उसका जप और उसके अर्थ का भाव — दोनों साथ करें।





