विस्तृत उत्तर
सिद्धियां = हां, किन्तु लक्ष्य नहीं (पतंजलि verified):
पतंजलि (3.37): 'ते समाधावुपसर्गा व्युत्थाने सिद्धयः' — 'सिद्धियां = समाधि में बाधा! व्युत्थान (सांसारिक) में सिद्धि।'
अष्टसिद्धि: अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व, वशित्व = ध्यान/संयम से (पतंजलि 3.45)।
किन्तु
- 1सिद्धि = byproduct — लक्ष्य = मोक्ष/आत्मज्ञान।
- 2सिद्धि में फंसना = पतन — 'अहंकार बढ़ता है'।
- 3गीता: 'योगः कर्मसु कौशलम्' — सच्ची सिद्धि = कर्म कुशलता।
सार: ध्यान → सिद्धि = possible। सिद्धि → मोक्ष = बाधा। 'सिद्धि = रास्ते का फूल — तोड़ो मत, आगे चलो।'





