विस्तृत उत्तर
## ध्यान से मानसिक तनाव कैसे कम होता है?
तनाव का मूल कारण (शास्त्र और विज्ञान दोनों)
तनाव तब होता है जब मन भूत की पछतावे और भविष्य की चिंताओं में फँसा हो। गीता (18/35) — तामस बुद्धि भय, शोक और विषाद को धारण करती है — यही तनाव है।
ध्यान तनाव कम करने की प्रक्रिया
### 1. वर्तमान में लाता है
ध्यान मन को 'अभी और यहाँ' में टिकाता है। जब मन वर्तमान में हो — न भूत का पश्चाताप, न भविष्य की चिंता। तनाव केवल भूत और भविष्य में है — वर्तमान में नहीं।
### 2. श्वास धीमी होती है
ध्यान में श्वास स्वाभाविक रूप से धीमी और गहरी होती है। धीमी श्वास — तंत्रिका-तंत्र (nervous system) को 'शांत' संदेश देती है — 'fight or flight' से 'rest and digest' मोड में।
### 3. साक्षी-भाव से विचारों की पकड़ कमजोर होती है
ध्यान में विचारों को 'देखते' हैं — उनमें डूबते नहीं। 'यह चिंता है' — इतना जानना ही चिंता की ऊर्जा काट देता है।
### 4. चित्त-वृत्तियों का निरोध
योगसूत्र (1/31-32) — *'तत्प्रतिषेधार्थमेकतत्त्वाभ्यासः।'* — एक तत्त्व का अभ्यास (ध्यान) दुःख, निराशा, श्वास-विकार और कंपन सभी को दूर करता है।
### 5. गहरी नींद और विश्राम
नियमित ध्यान से नींद गहरी होती है — जिससे शरीर और मन दोनों को पूर्ण विश्राम मिलता है और तनाव-हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर घटता है।
गीता (6/17) में संयत जीवन और ध्यान
*'युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।
युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा।।'*
— संयत आहार, विहार, कार्य और नींद वाले के लिए योग दुःख-नाशक बन जाता है।




