ध्यान साधनाध्यान में नासाग्र दृष्टि का क्या लाभ है?गीता (6.13): 'नासिकाग्र देखें।' एकाग्रता (दृष्टि→मन), प्राण+श्वास sync, विचार↓। vs भ्रूमध्य: नासाग्र=शांत/grounding, भ्रूमध्य=ऊर्ध्व। शुरुआती=नासाग्र।#नासाग्र#दृष्टि#लाभ
दिव्यास्त्रपाशुपतास्त्र कैसे चलाया जाता था?पाशुपतास्त्र धनुष से बाण की तरह, मन के संकल्प से, दृष्टि मात्र से, या शब्दों के उच्चारण — किसी भी तरीके से चलाया जा सकता था।#पाशुपतास्त्र#चलाने की विधि#मन संकल्प
लोकसामान्य आँखों से विश्वरूप क्यों नहीं दिखता?क्योंकि विश्वरूप भौतिक दृष्टि से परे है।#विश्वरूप#दृष्टि#कृष्ण
लोकक्या देवता अव्यक्त अस्त्र देख सकते हैं?नहीं, देवता भी अव्यक्त अस्त्र को नहीं देख सकते।#देवता#अव्यक्त अस्त्र#दृष्टि
तंत्र सामग्रीतंत्र में कज्जल या काजल का क्या उपयोग हैकज्जल/काजल तंत्र: (1) नजर निवारण — सर्वप्रचलित। (2) यंत्र/ताबीज लेखन — काले यंत्र (काली/भैरव)। (3) अंजन सिद्धि — सूक्ष्म दृष्टि (पौराणिक)। (4) शमशानी काजल = अत्यन्त शक्तिशाली (उन्नत)। (5) शिशु रक्षा — माथे/तलवे। शुद्ध काजल (घी दीपक कालिख) — बाज़ारी हानिकारक।#कज्जल#काजल#तंत्र