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सिद्धासन — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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मंत्र जप

मंत्र जप के दौरान कौन सा आसन उपयोग करें?

जप के लिए: सिद्धासन (सर्वोत्तम — ऊर्जा ऊर्ध्वगामी), पद्मासन (द्वितीय), सुखासन (सामान्य)। नीचे: ऊनी कम्बल/कुशासन (प्लास्टिक वर्जित)। रीढ़ सीधी, माला गोमुखी में। पातञ्जल: स्थिर और सुखद आसन। पूरे अनुष्ठान में एक ही आसन।

जप आसनपद्मासनसिद्धासन
साधना आसन

तंत्र साधना में कौन सा आसन उपयोग करें?

तंत्र आसन: मृगचर्म (सर्वश्रेष्ठ), व्याघ्रचर्म (भैरव), कुश (सामान्य)। मुद्रा: सिद्धासन (तंत्र ध्यान), पद्मासन (कुंडलिनी), वीरासन (भैरव)। भूमि पर सीधे नहीं। कुलार्णव: 'आसने सिद्धे सिद्धिः।'

आसनमृगचर्मकुश
जप आसन

मंत्र जप करते समय कौन सा आसन सही है?

जप आसन: कुश या ऊनी — भूमि पर सीधे नहीं (ऊर्जा absorb हो जाती है)। मुद्रा: सिद्धासन या सुखासन — रीढ़ सीधी। गीता 6.11: 'न अधिक ऊँचा, न नीचा, स्थिर।' एक ही आसन नित्य उपयोग करें — सिद्ध होता है।

आसनकुशपद्मासन
ध्यान साधना

ध्यान करते समय कौन सा आसन सबसे अच्छा है?

ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ आसन — पद्मासन (सर्वव्याधिनाशक) और सिद्धासन (प्राण-संरक्षक)। नए साधकों के लिए सुखासन उपयुक्त। योगसूत्र (2/46) — 'स्थिरसुखमासनम्' — स्थिर और सुखदायी बैठना ही आसन है। गीता (6/13) — रीढ़, गर्दन और सिर सीधे रखें।

आसनध्यानपद्मासन

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।