विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना में आसन का नियम कुलार्णव तंत्र और तंत्र शास्त्र में वर्णित है:
तंत्र में विशेष आसन
| आसन | साधना प्रकार |
|-----|-------------|
| मृगचर्म | शिव-शक्ति साधना — तंत्र में सर्वश्रेष्ठ |
| व्याघ्रचर्म | भैरव-काली साधना |
| कुश आसन | सर्वसुलभ |
| ऊनी कंबल | सामान्य तंत्र |
| रेशमी आसन | उच्च तंत्र |
बैठने की मुद्रा
- 1सिद्धासन — तंत्र ध्यान के लिए सर्वोत्तम
- 2पद्मासन — कुंडलिनी साधना
- 3वीरासन — भैरव साधना
- 4शवासन — कुछ तांत्रिक ध्यान विधियों में
अनिवार्य
भूमि पर सीधे न बैठें — आसन अनिवार्य है। भूमि की ऊर्जा साधना शक्ति को absorb कर लेती है।
कुलार्णव
आसने सिद्धे सिद्धिः।' — एक ही आसन पर नित्य बैठने से आसन सिद्ध होता है।





