विस्तृत उत्तर
सूर्य नमस्कार 12 आसन = 12 मंत्र
- 1प्रणामासन — *'ॐ मित्राय नमः'* (सबके मित्र)
- 2हस्तउत्तानासन — *'ॐ रवये नमः'* (प्रकाशवान)
- 3पादहस्तासन — *'ॐ सूर्याय नमः'* (गतिशील)
- 4अश्वसंचालनासन — *'ॐ भानवे नमः'* (प्रदीप्त)
- 5दंडासन — *'ॐ खगाय नमः'* (आकाशगामी)
- 6अष्टांगनमस्कार — *'ॐ पूष्णे नमः'* (पोषक)
- 7भुजंगासन — *'ॐ हिरण्यगर्भाय नमः'* (स्वर्णिम)
- 8पर्वतासन — *'ॐ मरीचये नमः'* (किरणों वाले)
- 9अश्वसंचालनासन — *'ॐ आदित्याय नमः'* (अदिति पुत्र)
- 10पादहस्तासन — *'ॐ सवित्रे नमः'* (प्रेरक)
- 11हस्तउत्तानासन — *'ॐ अर्काय नमः'* (पूज्य)
- 12प्रणामासन — *'ॐ भास्कराय नमः'* (प्रकाशदाता)
लाभ: शारीरिक+आध्यात्मिक दोनों। 12 चक्र = पूर्ण शरीर व्यायाम। प्रतिदिन 12 चक्र = उत्तम स्वास्थ्य।





