विस्तृत उत्तर
दुर्गा सप्तशती पाठ के लिए आसन का विशेष महत्व है।
उत्तम आसन (क्रम में)
- 1ऊनी (ऊन का) आसन — सर्वोत्तम। लाल ऊनी कम्बल या चादर।
- 2कुश आसन — कुश (दर्भ) घास से बना। अत्यन्त पवित्र।
- 3रेशमी आसन — रेशम का कपड़ा।
- 4कम्बल — शुद्ध ऊन का।
- 5लकड़ी का पटा (बाजोट/चौकी)।
लाल रंग का आसन देवी पूजा में विशेष शुभ।
वर्जित आसन
- ▸नंगी भूमि पर न बैठें (बिना आसन)।
- ▸फटा/गन्दा आसन।
- ▸दूसरे का प्रयुक्त आसन (आदर्श: अपना विशिष्ट आसन हो)।
अन्य नियम
- ▸पूर्व या उत्तर दिशा में मुख।
- ▸एक ही स्थान पर प्रतिदिन बैठें (अनुष्ठान में)।
- ▸पाठ आरम्भ करने पर बीच में न उठें।
- ▸शुद्ध वस्त्र, स्नान के बाद।
- ▸मौन रहें (पाठ के अतिरिक्त न बोलें — कुछ परम्पराओं में)।





