विस्तृत उत्तर
तांत्रिक साधना में विशेष आसन:
शवासन (Corpse Pose)
- ▸पीठ के बल लेटना = मृतक समान।
- ▸तांत्रिक उपयोग: शव साधना, भूत शुद्धि — 'मैं मृत, अब पुनर्जन्म (शुद्ध)।' शरीर अहंकार त्याग।
- ▸योग निद्रा = शवासन + ध्यान।
- ▸साधना बाद = शवासन → ऊर्जा एकीकरण।
वीरभद्रासन (Warrior Pose)
- ▸वीरभद्र = शिव का रौद्र रूप (दक्ष यज्ञ)।
- ▸तांत्रिक: शक्ति जागरण, भय नाश, मूलाधार+मणिपुर सक्रिय।
- ▸वीर भाव = तांत्रिक साधक 'वीर' श्रेणी (कुलार्णव: पाशु→वीर→दिव्य)।
अन्य तांत्रिक: सिद्धासन (कुंडलिनी), पद्मासन (ध्यान), भद्रासन (बंध)।