तंत्र में वीरभद्रासन और शवासन का क्या उपयोग है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
शवासन: मृतक भाव (शरीर अहंकार त्याग), भूत शुद्धि, योग निद्रा, ऊर्जा एकीकरण। वीरभद्रासन: शिव रौद्र, शक्ति जागरण, भय नाश, 'वीर' श्रेणी (कुलार्णव)। सिद्धासन: कुंडलिनी।
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