का सरल उत्तर
शवासन: मृतक भाव (शरीर अहंकार त्याग), भूत शुद्धि, योग निद्रा, ऊर्जा एकीकरण। वीरभद्रासन: शिव रौद्र, शक्ति जागरण, भय नाश, 'वीर' श्रेणी (कुलार्णव)। सिद्धासन: कुंडलिनी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।