विस्तृत उत्तर
भैरवी = दशमहाविद्या में छठवीं — त्रिपुर भैरवी:
स्वरूप: सौम्य-उग्र। लाल वस्त्र, त्रिनेत्रा, वर-अभय मुद्रा।
साधना
- ▸बीज: 'ह्सौः'। मंत्र: 'ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः'।
- ▸गुरु दीक्षा अनुशंसित (सौम्य-उग्र)।
- ▸लाल आसन/वस्त्र, रात्रि/संध्या।
लाभ
- ▸बंधन मुक्ति (कर्म बंधन)।
- ▸तप शक्ति — आंतरिक अग्नि।
- ▸विद्या + तपस्या।
- ▸भैरवी चक्र (उन्नत तांत्रिक मंडल) = गोपनीय।
सामान्य भक्त: भैरवी अष्टकम् पाठ = सुरक्षित। बीज मंत्र/तांत्रिक = गुरु।
needs_review: भैरवी साधना विस्तार = गोपनीय।


