विस्तृत उत्तर
मातृका न्यास = 50 संस्कृत अक्षर शरीर पर स्थापना (पूर्व शोध ID 515):
क्या: 'मातृका' = वर्णमाला (अ→क्ष) = 50 शक्ति। प्रत्येक अक्षर = देवी का एक रूप। शरीर पर स्थापना = शरीर = देवीमय।
विधान
- ▸16 स्वर (अ→अः) = मस्तक→मुख (ऊपर)।
- ▸34 व्यंजन (क→क्ष) = कंठ→पैर (नीचे)।
- ▸प्रत्येक अक्षर बोलें + संबंधित अंग स्पर्श।
- ▸अंतर्मातृका = मन में। बहिर्मातृका = शरीर स्पर्श।
संबंध: काली = मुंडमाला 50 मुंड = 50 अक्षर = मातृका। मातृका न्यास = काली शक्ति शरीर में।
कब: बीज मंत्र/तांत्रिक = अनिवार्य। सामान्य = करन्यास+अंगन्यास पर्याप्त। गुरु।

