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तंत्र साधना📜 तंत्र शास्त्र, पूर्व session (ID 515)1 मिनट पठन

तंत्र में मातृका न्यास क्या होता है?

संक्षिप्त उत्तर

50 अक्षर (अ→क्ष) शरीर पर। 16 स्वर = मस्तक→मुख, 34 व्यंजन = कंठ→पैर। काली मुंडमाला = 50 = मातृका। शरीर = देवीमय। तांत्रिक अनिवार्य। गुरु।

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विस्तृत उत्तर

मातृका न्यास = 50 संस्कृत अक्षर शरीर पर स्थापना (पूर्व शोध ID 515):

क्या: 'मातृका' = वर्णमाला (अ→क्ष) = 50 शक्ति। प्रत्येक अक्षर = देवी का एक रूप। शरीर पर स्थापना = शरीर = देवीमय।

विधान

  • 16 स्वर (अ→अः) = मस्तक→मुख (ऊपर)।
  • 34 व्यंजन (क→क्ष) = कंठ→पैर (नीचे)।
  • प्रत्येक अक्षर बोलें + संबंधित अंग स्पर्श।
  • अंतर्मातृका = मन में। बहिर्मातृका = शरीर स्पर्श।

संबंध: काली = मुंडमाला 50 मुंड = 50 अक्षर = मातृका। मातृका न्यास = काली शक्ति शरीर में।

कब: बीज मंत्र/तांत्रिक = अनिवार्य। सामान्य = करन्यास+अंगन्यास पर्याप्त। गुरु।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, पूर्व session (ID 515)
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