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तंत्र साधना📜 रुद्राक्षोपनिषद्, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तांत्रिक साधना में रुद्राक्ष का क्या विशेष प्रयोग होता है?

संक्षिप्त उत्तर

मुखी: 1(सर्वसिद्धि), 5(सर्वसाधारण), 14(सर्वसिद्धि)। प्रयोग: जप माला (ऊर्जा संचित), धारण (कवच), यंत्र amplify, जल (रोग), पूजा। गंगाजल शुद्धि, सरसों तेल।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र में रुद्राक्ष = विशेष भूमिका:

मुखी अनुसार प्रयोग

  • 1 मुखी: शिव — सर्वसिद्धि (अत्यंत दुर्लभ)।
  • 5 मुखी: कालाग्नि रुद्र — सर्वसाधारण, जप माला।
  • 8 मुखी: गणेश — विघ्न नाश।
  • 11 मुखी: एकादश रुद्र — शक्तिशाली।
  • 14 मुखी: हनुमान/शिव — सर्वसिद्धि।

तांत्रिक प्रयोग

  1. 1जप माला: 108+1 — मंत्र ऊर्जा संचित।
  2. 2धारण: कंठ/भुजा — सुरक्षा कवच।
  3. 3यंत्र: रुद्राक्ष = यंत्र पर स्थापित → शक्ति amplify।
  4. 4जल: रुद्राक्ष जल — पीने = रोग निवारण (मान्यता)।
  5. 5पूजा: शिवलिंग + रुद्राक्ष = अभिषेक।

नियम: अशुद्ध हाथ नहीं। गंगाजल शुद्धि। सरसों तेल रखरखाव।

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शास्त्रीय स्रोत
रुद्राक्षोपनिषद्, तंत्र शास्त्र
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