दिव्यास्त्रनारायणास्त्र कितनी बार चलाया जा सकता था?नारायणास्त्र एक युद्ध में केवल एक बार ही चलाया जा सकता था। यह नियम इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए था।#नारायणास्त्र#एक बार#नियम
तंत्र साधनातांत्रिक साधना में रुद्राक्ष का क्या विशेष प्रयोग होता है?मुखी: 1(सर्वसिद्धि), 5(सर्वसाधारण), 14(सर्वसिद्धि)। प्रयोग: जप माला (ऊर्जा संचित), धारण (कवच), यंत्र amplify, जल (रोग), पूजा। गंगाजल शुद्धि, सरसों तेल।#रुद्राक्ष#तंत्र#विशेष
तंत्र सामग्रीतांत्रिक साधना में डमरू का क्या प्रयोग होता है?शिव वाद्य। 14 ध्वनि (माहेश्वर सूत्र) = संस्कृत → सृष्टि। शिव/भैरव/काली आवाहन। चक्र सक्रिय (कंपन)। नकारात्मकता नाश। नटराज: डमरू=सृष्टि+अग्नि=संहार। आकार = शिव-शक्ति मिलन।#डमरू#प्रयोग#शिव
यंत्र साधनावास्तु दोष निवारण यंत्र कैसे प्रयोग करें?वास्तु/श्री/नवग्रह यंत्र। ईशान कोण/मुख्य द्वार। गंगाजल शुद्धि + प्राण प्रतिष्ठा। प्रतिदिन दीपक + 11 जप। ताम्रपत्र/पंचधातु। दीपावली/नवरात्रि स्थापना।#वास्तु#दोष#निवारण
तंत्र सामग्रीतांत्रिक साधना में भस्म का क्या प्रयोग होता है?शिव त्रिपुंड, शरीर लेप (अघोरी/वैराग्य), हवन प्रसाद, रक्षा कवच, तांत्रिक तावीज। दार्शनिक: 'सब भस्म = वैराग्य।' आयुर्वेद: औषधीय।#भस्म#प्रयोग#तांत्रिक