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तंत्र सामग्री📜 शैव तंत्र, माहेश्वर सूत्र1 मिनट पठन

तांत्रिक साधना में डमरू का क्या प्रयोग होता है?

संक्षिप्त उत्तर

शिव वाद्य। 14 ध्वनि (माहेश्वर सूत्र) = संस्कृत → सृष्टि। शिव/भैरव/काली आवाहन। चक्र सक्रिय (कंपन)। नकारात्मकता नाश। नटराज: डमरू=सृष्टि+अग्नि=संहार। आकार = शिव-शक्ति मिलन।

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विस्तृत उत्तर

डमरू = शिव का वाद्य — तांत्रिक प्रयोग:

प्रयोग

  1. 1नाद उत्पत्ति: शिव डमरू = 14 ध्वनि (माहेश्वर सूत्र) → संस्कृत वर्णमाला → सृष्टि। डमरू ध्वनि = सृष्टि कंपन।
  2. 2तांत्रिक अनुष्ठान: डमरू बजाना = शिव आवाहन। भैरव/काली पूजा।
  3. 3ऊर्जा जागरण: ध्वनि कंपन = चक्र सक्रिय। लयबद्ध ध्वनि = ट्रान्स/ध्यान।
  4. 4भूत-प्रेत: डमरू ध्वनि = नकारात्मक शक्तियां भागती हैं।
  5. 5नटराज: शिव नटराज = डमरू (सृष्टि) + अग्नि (संहार) — तांडव।

आकार: डमरू = दो त्रिकोण (ऊपर→नीचे) = शिव-शक्ति मिलन बिंदु = श्री यंत्र सदृश।

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शास्त्रीय स्रोत
शैव तंत्र, माहेश्वर सूत्र
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