विस्तृत उत्तर
डमरू = शिव का वाद्य — तांत्रिक प्रयोग:
प्रयोग
- 1नाद उत्पत्ति: शिव डमरू = 14 ध्वनि (माहेश्वर सूत्र) → संस्कृत वर्णमाला → सृष्टि। डमरू ध्वनि = सृष्टि कंपन।
- 2तांत्रिक अनुष्ठान: डमरू बजाना = शिव आवाहन। भैरव/काली पूजा।
- 3ऊर्जा जागरण: ध्वनि कंपन = चक्र सक्रिय। लयबद्ध ध्वनि = ट्रान्स/ध्यान।
- 4भूत-प्रेत: डमरू ध्वनि = नकारात्मक शक्तियां भागती हैं।
- 5नटराज: शिव नटराज = डमरू (सृष्टि) + अग्नि (संहार) — तांडव।
आकार: डमरू = दो त्रिकोण (ऊपर→नीचे) = शिव-शक्ति मिलन बिंदु = श्री यंत्र सदृश।





