ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
वैदिक दर्शन⏱ 2 मिनट पठन

नाद ब्रह्म क्या है — शिव और ध्वनि का संबंध?

नाद-ब्रह्म — ध्वनि के रूप में ईश्वर की अनुभूति। शिव नाद के अधिपति हैं, उनके डमरू से १४ माहेश्वर सूत्र उत्पन्न हुए।

संक्षिप्त उत्तर

नाद-ब्रह्म — ध्वनि के रूप में ईश्वर की अनुभूति। शिव नाद के अधिपति हैं, उनके डमरू से १४ माहेश्वर सूत्र उत्पन्न हुए। ॐ इसी नाद का तारक मंत्र है। घनकर्णेश्वर 'घन' नाद के अधिष्ठाता हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

नाद-ब्रह्म का अर्थ है — शब्द या ध्वनि के रूप में परमतत्त्व (ईश्वर) की अनुभूति। शैव-सिद्धांत, कश्मीरी शैव दर्शन और तंत्र शास्त्रों (मालिनीविजयोत्तर तंत्र, स्वच्छंद तंत्र) के अनुसार, यह संपूर्ण ब्रह्मांड परम शिव के 'नाद' या 'स्पंदन' से उत्पन्न हुआ है।

जब परब्रह्म शिव सृष्टि की इच्छा करते हैं, तो वह प्रथम इच्छा 'नाद' के रूप में प्रकट होती है — यही नाद घनीभूत होकर 'बिंदु' बनता है। वेद और उपनिषद इसी नाद को 'ॐ' (प्रणव) कहते हैं।

भगवान शिव स्वयं नाद के अधिपति हैं। उनके डमरू से उद्भूत १४ माहेश्वर सूत्र संपूर्ण भाषा, संगीत और लौकिक स्पंदन का मूल हैं। शिव को 'नाद-ब्रह्म' कहा गया है — वे श्वास के स्पंदन और हृदय की धड़कन में भी विद्यमान हैं।

स्कंद पुराण काशी खंड (अध्याय ११) में चार वाद्य — तत, वितत, घन और सुषिर — का उल्लेख है। 'घन' वाद्य (मंजीरा, घंटा) आघात से ध्वनि उत्पन्न करते हैं। घनकर्णेश्वर इसी 'घन' नाद के अधिष्ठाता देवता हैं।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

नाद ब्रह्म क्या है — शिव और ध्वनि का संबंध को संदर्भ सहित समझें

नाद ब्रह्म क्या है — शिव और ध्वनि का संबंध का सबसे सीधा सार यह है: नाद-ब्रह्म — ध्वनि के रूप में ईश्वर की अनुभूति। शिव नाद के अधिपति हैं, उनके डमरू से १४ माहेश्वर सूत्र उत्पन्न हुए। ॐ इसी नाद का तारक मंत्र...

वैदिक दर्शन जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

वैदिक दर्शन श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

वैदिक दर्शन प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

नाद ब्रह्मशिवॐडमरूमाहेश्वर सूत्रस्पंदन
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

नाद ब्रह्म क्या है — शिव और ध्वनि का संबंध — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको वैदिक दर्शन से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#नाद ब्रह्म#शिव#ॐ#डमरू#माहेश्वर सूत्र#स्पंदन