विस्तृत उत्तर
पाशुपतास्त्र भगवान शिव (पशुपतिनाथ) का सर्वाधिक विनाशकारी और अकाट्य दिव्यास्त्र है।
पाशुपतास्त्र क्या है — 'पशुपति' शिव का नाम है — इसलिए 'पाशुपतास्त्र' = पशुपति का अस्त्र। यह शिव, काली और आदि पराशक्ति का संयुक्त हथियार माना जाता है। तीनों लोकों में कोई भी प्राणी ऐसा नहीं है जो इसके प्रहार से बच सके।
चलाने की विधि — इस अस्त्र की विशेषता यह है कि इसे मन, नेत्र, वाणी और धनुष — चारों माध्यमों से चलाया जा सकता है। संकल्प मात्र से भी यह सक्रिय हो सकता है।
सावधानी — शिव ने स्पष्ट कहा है — इसे किसी कमजोर या साधारण शत्रु पर कभी नहीं चलाना चाहिए। ऐसा करने पर यह चलाने वाले और संपूर्ण संसार को भी भस्म कर सकता है।
शक्ति — ब्रह्मास्त्र इसे नहीं रोक सकता परंतु यह विष्णु के किसी अस्त्र को रोक नहीं सकता। इसे सर्वसंहारक माना गया है।





