विस्तृत उत्तर
भगवान शिव ने पाशुपतास्त्र का प्रयोग मुख्यतः दो महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया। पहला, अधर्मी दैत्यों और आसुरी शक्तियों का संहार — जिनमें सबसे प्रमुख है त्रिपुरासुर के तीन अजेय नगरों का विनाश। दूसरा, युग के अंत में जब सृष्टि का प्रलय होता है तब भगवान शिव इसी पाशुपतास्त्र से संपूर्ण सृष्टि का विनाश करते हैं ताकि एक नए सृजन का मार्ग प्रशस्त हो सके। इस प्रकार पाशुपतास्त्र का प्रयोग केवल विनाश के लिए नहीं बल्कि ब्रह्मांडीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी होता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





