विस्तृत उत्तर
पाशुपतास्त्र के प्रतिकार के विषय में पुराण और महाकाव्यों में स्पष्ट उत्तर है।
कोई प्रतिकार नहीं — पाशुपतास्त्र पूर्णतः अकाट्य है। इसे कोई भी अस्त्र-शस्त्र रोक नहीं सकता। यह सर्वनाशी और अमोघ है। जिस पर भी यह चलाया जाए उसका नाश अनिवार्य है।
ब्रह्मास्त्र भी नहीं रोक सकता — कुछ परंपराओं में उल्लेख है कि ब्रह्मास्त्र पाशुपतास्त्र को रोक सकता है, परंतु अधिकांश पुराणिक मत यह है कि पाशुपतास्त्र को कोई नहीं रोक सकता।
एकमात्र सीमा — पाशुपतास्त्र का एकमात्र सीमा यह है कि इसे कमजोर शत्रु पर नहीं चलाना चाहिए — यदि ऐसा किया तो यह चलाने वाले और सम्पूर्ण सृष्टि को भी भस्म कर सकता है। इसलिए यह अस्त्र केवल अंतिम विकल्प के रूप में, केवल महाबली शत्रु के विरुद्ध, अत्यंत विवेकपूर्वक चलाने का विधान है।
महाभारत में — यही कारण था कि अर्जुन ने पूरे महाभारत युद्ध में पाशुपतास्त्र का प्रयोग नहीं किया — इसकी सर्वनाशी क्षमता इतनी अधिक थी।




