विस्तृत उत्तर
भगवान कार्तिकेय (स्कंद/मुरुगन) का प्रमुख अस्त्र 'वेल' है — यह एक दिव्य भाला (शक्ति-भाला) है।
वेल क्या है — वेल तमिल परंपरा और स्कंद पुराण दोनों में वर्णित है। यह त्रिशूल जैसा दिखाई देता है परंतु त्रिशूल नहीं है। वेल कुण्डलिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
कार्तिकेय और वेल — भगवान कार्तिकेय की मूर्ति में उन्हें एक हाथ में वेल (भाला) और दूसरे हाथ में मुर्गे वाला झंडा लिए दिखाया जाता है। यह वेल शिव-पार्वती की संयुक्त शक्ति से ओतप्रोत था।
तारकासुर और सुरपदम का वध — कार्तिकेय ने इसी वेल से तारकासुर का वध किया। दक्षिण भारतीय परंपरा में वर्णित है कि जब सुरपदम ने पहाड़ का रूप ले लिया तब कार्तिकेय ने अपने भाले (वेल) से पहाड़ को दो भागों में तोड़ दिया — एक भाग मोर बना (वाहन) और दूसरा मुर्गा (ध्वज-प्रतीक)।





