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विस्तृत उत्तर
वासवी शक्ति भाले या बर्छी के रूप में थी। यह एक ऐसा अस्त्र था जो किसी भी एक लक्ष्य को मार सकता था, चाहे वह देवता ही क्यों न हो। एक बार छोड़े जाने के बाद यह अपने लक्ष्य को भेदकर ही वापस इंद्र के पास लौटता था। इसका कोई सीधा प्रतिकार इसलिए संभव नहीं था क्योंकि ऐसा करने का प्रयास देवराज इंद्र के वचन को झूठा साबित कर देता, जो स्वयं ब्रह्मांडीय व्यवस्था को अस्थिर कर सकता था।
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