विस्तृत उत्तर
वासवी शक्ति देवराज इंद्र का अत्यंत शक्तिशाली और अमोघ अस्त्र है।
वासवी का अर्थ — 'वासव' इंद्र का नाम है। इसलिए 'वासवी शक्ति' = इंद्र (वासव) की शक्ति। इसे 'वासवी शक्ति', 'इंद्रास्त्र' और 'अमोघ शक्ति' भी कहते हैं।
विशेषता — यह एक ऐसा अस्त्र था जिसे कोई भी अन्य अस्त्र काट नहीं सकता था। यह अचूक और अमोघ था — जिस पर चलाई जाए उसकी मृत्यु निश्चित थी। इसे जीवन में केवल एक बार ही चलाया जा सकता था। एक बार प्रयोग के बाद यह इंद्र के पास लौट जाता था।
कर्ण को प्राप्ति — इंद्र ने ब्राह्मण वेश में कर्ण से उसका दिव्य कवच-कुण्डल माँगा। कर्ण ने जानते हुए भी इंद्र को मना नहीं किया और कवच-कुण्डल दान में दे दिया। तब इंद्र ने प्रसन्न होकर बदले में वासवी शक्ति प्रदान की — हालाँकि इसे केवल एक बार ही चलाया जा सकता था।





