विस्तृत उत्तर
इस अस्त्र के दो नाम इसकी प्रकृति को स्पष्ट करते हैं। पहला नाम 'वासवी शक्ति' है जिसका अर्थ है 'वसव (इंद्र) की शक्ति', जो सीधे तौर पर इसे देवराज के स्वामित्व और बल से जोड़ता है। इसका दूसरा नाम 'अमोघास्त्र' है जिसका अर्थ है 'अचूक या कभी निष्फल न होने वाला अस्त्र'। इस प्रकार इसके दोनों नाम मिलकर इस अस्त्र की संपूर्ण प्रकृति को व्यक्त करते हैं — एक ओर इसका दिव्य स्रोत और दूसरी ओर इसकी अभेद्य मारक क्षमता।
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